सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध आदिवासी परंपरा, प्रकृति प्रेम और सांस्कृतिक अस्मिता का जीवंत उत्सव – गोमती साय
सरहुल उत्सव जनजाति संस्कृति की विशिष्ट धरोहर, इन्हें संजो कर रखना हमारा कर्तव्य – मुख्यमंत्री श्री साय “मुख्यमंत्री ने सरहुल में शामिल होकर विधि विधान से की पूजा-अर्चना कर जनजातीय संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश “
अघोर परंपरा का दिव्य प्रकाश: परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी और पूज्य संत श्री प्रियदर्शी राम जी का महाजीवन…
गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री ने अघोर गुरु पीठ बनोरा में किए गुरु दर्शन, बाबा प्रियदर्शी राम से लिया आशीर्वाद