रमेश शर्मा

50 सालों का सफर ख़बरों के साथ...✒️

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सरहुल उत्सव जनजाति संस्कृति की विशिष्ट धरोहर, इन्हें संजो कर रखना हमारा कर्तव्य – मुख्यमंत्री श्री साय “मुख्यमंत्री ने सरहुल में शामिल होकर विधि विधान से की पूजा-अर्चना कर जनजातीय संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश “

जशपुरनगर 19 मार्च (रमेश शर्मा)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। सरहुल महोत्सव में पूर्व मंत्री गणेश राम भगत तथा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

इस इस अवसर पर सीएम साय ने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की। पूजा कराने वाले बैगा ने मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल फूल) को खोंचकर सरहुल पर्व की शुभ रस्म निभाई।

यंहा पर पारंपरिक वेशभूषा में जनजातीय समुदाय की 100 से अधिक महिला एवं युवतियों की टोली ने सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। सरहुल त्यौहार की खुशी में लोग मांदर की थाप पर पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास से झूम उठे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव तथा हिंदू नव वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति और धरती पूजा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस उत्सव में बैगा, पाहन एवं पूजारी द्वारा धरती माता की पूजा कर वर्षा, खेती और बरकत की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह जनजातीय समाज की विशिष्ट सभ्यता एवं संस्कृति का प्रतीक है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री राजू गुप्ता, जिला भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधिगण एवं भारी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

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