रमेश शर्मा

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जनजाति समाज अब डीलिस्टिंग को लेकर दिल्ली में गर्जना रैली करेगा : गणेश राम भगत

जनजाति सुरक्षा मंच की राजनांदगांव में आयोजित अखिल भारतीय कार्यशाला में निर्णय

राजनादगांव 18 दिसम्बर
भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जन्म जयंती के अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री गणेश राम भगत ने कहा है कि धर्मांतरण करने वाले लोगों की खातिर केन्द्र सरकार को सख्त कानून बनाने होंगे।
     गणेश राम भगत ने जनजाति सुरक्षा मंच की राजनांदगांव में आयोजित अखिल भारतीय कार्यशाला में कहा कि धर्मांतरण के बाबजूद भी अनुसूचित जनजाति समुदाय के व्यक्ति अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लाभ उठा रहे हैं।अनुसूचित जनजाति के विशाल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह भी पहुंचे थे। जिससे अनुसूचित जनजाति वर्ग के पदाधिकारियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने कहा कि पूरे देश के 755 अनुसूचित जनजाति समुदाय के दस लाख प्रबुद्ध व्यक्ति संविधान के आर्टिकल 342 में बदलाव को लेकर वर्ष 2026 में नई दिल्ली में विशाल सांस्कृतिक समागम कर जनजाति गर्जना रैली करेंगे ।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के संविधान में अनुसूचित जाति समुदाय के लिए  संवैधानिक प्रावधान यह है कि ,यदि कोई भी अनुसूचित जाति समुदाय का व्यक्ति हिन्दू, बौद्ध एवं सिख धर्म को छोड़ कर अन्य धर्म ग्रहण करता है तो उसे अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता। किन्तु आर्टिकल 342 जो अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित है उसमें इस प्रकार का कोई प्रावधान नहीं होने से लाखों की संख्या में धर्मांतरण के बाबजूद भी अनुसूचित जनजाति समुदाय के व्यक्ति अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लाभ उठा रहे हैं, जो संविधान निर्माताओं की मूल भावना के विरुद्ध है। अनुसूचित जनजाति समुदाय को उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान रूढ़ि रीति रिवाज परम्परा आस्था ,विश्वास, एवं भौगोलिक अलगाव, सामुदायिक अलगाव, आदिम चारित्रिक विशेषता के कारण भारतीय संविधान में आरक्षण का प्रावधान किया गया है धर्म बदलने से  जनजाति की यह विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान समाप्त हो जाती है ।
किन्तु आर्टिकल 342 की आड में आज भी 75 वर्षों से धर्मांतरित लोग इसका असंवैधानिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं ।
सरकार द्वारा जनजाति समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखने के लिए इस आशय का संशोधन आर्टिकल 342 में समाहित करना चाहिए कि जिन भी व्यक्तियों द्वारा ईसाई एवं मुस्लिम धर्म अपना लिया गया है, उन्हें अनुसूचित जनजाति समुदाय का लाभ नहीं दिया जाए ।अपनी इन्हीं मागों को लेकर  तीन दिवसीय कार्यशाला(16,17,18, दिसम्बर 2025)का आज समापन होने जा रहा है इस कार्यशाला में जनजाति सुरक्षा मंच के अखिल भारतीय अधिकारी,केंद्रीय टोली सदस्य, प्रांत संयोजक, प्रांत सहसंयोजक, सहित पूरे देश से विभिन्न जनजाति समुदाय के 200  प्रतिनिधि शामिल हुए हैं । इस कार्यशाला में निर्णय लिया गया कि डीलिस्टिंग की मांग को लेकर भारत का जनजाति समाज मई 2026 में दिल्ली में विराट जनजाति गर्जना रैली करेगा । दिल्ली कूच की  तैयारी हेतु पूरे देश में जनजाति समुदाय के बीच जा कर बड़ी संख्या में लोगों को जागृत करेंगे एवं पूरे देश का  जनजाति समाज  महा गर्जना रैली के रूप में दिल्ली कूच करेगा ,ताकि जनजाति समुदाय के साथ हुए इस ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त किया जा सके।।
अनुसूचित जनजाति का इस सफल कार्यक्रम में राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत, डॉ राजकिशोर हंसदा राष्ट्रीय सह संयोजक रामनाथ कश्यप , केंद्रीय टोली सदस्य, प्रकाश उईके केंद्रीय टोली तथा संचालन रोशन प्रताप सिंह व्दारा किया गया।

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