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पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सर्पदंश से पीड़ित दो महिलाओं की मौत…

पत्थलगांव 17 अगस्त

छत्तीसगढ़ सरकार व्दारा सर्पदंश से पीड़ितों को बचाने की खातिर ऐम्बुलेंस में ही बेहतर चिकित्सा के इंतजाम के बावजूद यंहा एक ही दिन में दो महिलाओं की मौत हो गई।

पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सर्पदंश की पहली पीड़ित महिला रंजीता बाई को कापू क्षेत्र के कमरई गांव से लाकर भर्ती कराया गया था। इस महिला के परिजनों ने बताया कि घर में भोजन बना कर यह महिला अपने बच्चे को दूध पिला रही थी। इस दौरान अचानक करैत सर्प ने उसके चेहरे पर काट कर हमला कर दिया। पीड़ित महिला को तत्काल पत्थलगांव सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया लेकिन चिकित्सक इसे नहीं बचा सके।

इसी दिन सर्पदंश से पीड़ित एक अन्य महिला श्रीमती रनमेत बाई को बाकारुमा से लाया गया था लेकिन पत्थलगांव सिविल अस्पताल के चिकित्सक ने परिक्षण के बाद इसे मृत घोषित कर दिया।

पत्थलगांव ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. जेम्स मिंज का कहना था कि यंहा सर्पदंश के मरीजों को यदि समय पर लाकर भर्ती कराया जाता है तो ऐसे 99 फीसदी मरीजों को बचा लिया जाता है। डॉक्टर मिंज ने बताया कि पत्थलगांव सिविल अस्पताल में इस वर्ष सर्पदंश के पांच मरीजों की मौत हुई है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की सरकार दूरस्थ क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को चिकित्सा सेवा का त्वरित लाभ देने के लिए जगह-जगह सरप्लस ऐम्बुलेंस सेवा की सुविधा उपलब्ध कराई है। जशपुर जिले में सर्पदंश के मरीजों को जीवन रक्षा करने की खातिर ऐम्बुलेंस सेवा के साथ ऐन्टी वेनम दवा के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। सर्पदंश मरीजों को बचाने के लिए चुस्त दुरुस्त व्यवस्था के बाद भी पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सर्पदंश पीड़ित दो महिलाओं की मौत के बाद सवालिया निशान लग गया है।

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