जशपुर 17 अगस्त
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 23 महिने तक अपने कार्य को बेहतर से बेहतर रुप में परिवर्तित करने वाले राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी ओंकार यादव का जशपुर से तबादला अब उद्योग नगरी कहलाने वाला कोरबा जिले में हुआ है।
ओंकार यादव का कहना है कि कभी भी अपनी तुलना दूसरों से मत करो, आप जो भी हैं, सर्वश्रेष्ठ हैं। इसी मूलमंत्र को अपना लक्ष्य बनाकर इन्होंने कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना कर यंहा अपनी सेवाएं पूरी की।
इस दौरान प्रशासनिक कार्य में अंतिम पंक्ति में खड़े रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार के लोगों को सबसे पहले बुलाया, उन्हें न्याय दिलवा कर गांव में निर्मिता के साथ रहने की खातिर प्रोत्साहित किया। किसानों को प्राकृतिक आपदा के दौरान मौके पर पहुंच कर उनकी क्षति का त्वरित आंकलन कर मदद का हाथ बढ़ाया।
दरअसल, जशपुर जिले में पहाड़ी कोरवा विकास प्राधिकरण के बावजूद बेहद पिछड़ी इस जाति के लोगों को आवश्यक सुविधाओं की कमी को दूर करने का आज भी पुख्ता दावा नहीं किया जा सकता है। लेकिन एसडीएम की जिम्मेदारी के दौरान ओंकार यादव ने ऐसे ही लोगों के लिए भरपूर मेहनत की। पंडरापाठ के दूरस्थ पहाड़ी रास्तों पर पैदल सफर कर जरुरत मंद लोगों के अनेक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। जमीनी स्तर पर जांच के दौरान इन्होंने सरकारी कर्मचारियों को दंडित किया वहीं सनसनी फैला कर भय बढ़ाने वाले मीडिया के लोगों को भी आड़े हाथों लिया।

जशपुर जिले के मायाली में जब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने काफी कम समय में कैबिनेट की बैठक करवाने की बात कही तो तत्कालीन कलेक्टर डा.रवि मित्तल के नेतृत्व में रात दिन मेहनत कर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की चुनौती में भी खरे उतरे।
इसी तरह जशपुर जिले में इसाई मिशनरी का विधायक रायमुनी भगत के एक बयान को लेकर काफी उग्र प्रदर्शन के दौरान भी काफी सूझबूझ का परिचय देकर कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बना कर रखा गया। यंहा शिव पुराण का का बड़ा आयोजन हो अथवा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का भ्रमण का अवसर रहा हो। हर वक्त अपनी सुदृढ़ उपस्थिति दिखाई गई।
ओंकार यादव का कहना है कि जशपुर जिले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हमेशा ही शानदार तालमेल रहा है। यंहा आने वाले समय में विकास के और भी नये आयाम स्थापित होंगे।















