रमेश शर्मा

50 सालों का सफर ख़बरों के साथ...✒️

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भारतीय सेना के मेजर अल्तमश सिद्दीकी को संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में लेबनान की खातिर चयन…

कुनकुरी 10 सितंबर (रमेश शर्मा)

भारतीय सेना के मेजर अल्तमश सिद्दीकी को संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में लेबनान जाने की खातिर चयन किया गया है । वे गुवाहाटी में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे थे।

   जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी मेजर अल्तमस की इस उपलब्धि को लेकर उनके माता श्रीमती शंमा सिद्दीकी और पिता खालिद सिद्दीकी तथा छोटा भाई अरहम सिद्दीकी सहित सभी परिचित मित्रों ने इसे गर्व की बात कही है।

मेजर अल्तमश और उनकी पत्नी


  कुनकुरी के वरिष्ठ पत्रकार ओम शर्मा, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अद्याशंकर त्रिपाठी ने कहा कि यह जशपुर जिले के साथ साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवान्वित करने की बात है।

दरअसल,मेजर सिद्दीकी भारतीय सेना के एक योग्य अधिकारी हैं, जिन्हें इस मिशन के लिए विशेष रूप से चुना गया है। भारतीय सेना नियमित रूप से अपने अधिकारियों को UNIFIL में भेजती है, जहां वे गश्त, निगरानी, डी-माइनिंग (खदान हटाना) और समुदाय सेवा जैसे कार्यों में भाग लेते हैं। उनका चयन उनकी क्षमता, प्रशिक्षण और शांति मिशनों के अनुभव के आधार पर किया गया है। यह भारत की वैश्विक शांति भूमिका को मजबूत करता है,

    यह मिशन यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान (UNIFIL) के नाम से जाना जाता है। UNIFIL संयुक्त राष्ट्र की एक प्रमुख शांति स्थापना मिशन है, जिसकी स्थापना 19 मार्च 1978 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 425 के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है

इस मिशन की चुनौतियाँ 
लेबनान में अस्थिरता, हिजबुल्लाह की उपस्थिति और इजरायल के साथ तनाव के कारण शांति सैनिकों को खतरा रहता है। कई बार गोलीबारी या हमलों की घटनाएँ होती हैं।
UNIFIL ने लेबनान में युद्ध की पुनरावृत्ति को रोका है और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान दिया है। भारत जैसे देशों की भागीदारी से वैश्विक छवि मजबूत होती है।

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