रमेश शर्मा

50 सालों का सफर ख़बरों के साथ...✒️

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हेडलाइन

गांव की गलियों से ग्लासगो तक: छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, जीता सिल्वर..

राजकाज न्यूज – स्पोर्ट्स डेस्क

राष्ट्रमंडल खेलों से भारत के लिए एक गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छोटे से गांव बोडिया की बेटी और स्टार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम कर लिया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है।

ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए कुल 199 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने स्नैच (Snatch) में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क (Clean & Jerk) में 111 किग्रा का वजन उठाकर सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। क्लीन एंड जर्क के अपने तीसरे प्रयास में 111 किलो वजन उठाकर उन्होंने अपना नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) रिकॉर्ड भी बनाया।


संघर्ष से स्वर्णिम सफर तक
एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली ज्ञानेश्वरी का यह सफर चुनौतियों से भरा रहा है। संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले भी वे ग्रीस में आयोजित जूनियर विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए रजत पदक जीत चुकी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय


ज्ञानेश्वरी की इस सफलता पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए कहा है कि देश के लिए पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लगन और मेहनत हो तो गांव की गलियों से निकलकर भी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराया जा सकता है।
राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी, जो छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएँ दे रही हैं, उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। “खेल और सेवा” दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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