बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि : क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाने वाले ऑटो चालकों पर रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई शुरू…..

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह : “बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई।”
रायगढ़, 20 जुलाई – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने स्कूल ऑटो वाहनों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान शुरू किया है।
हाल के दिनों में ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस ने पहले जागरूकता और अब सख्त प्रवर्तन की रणनीति अपनाई है।
डीएसपी ट्रैफिक की दो टूक —ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाने और नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई…
विदित हो कि 18 जुलाई (शनिवार) को डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह ने अपने कार्यालय में स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधियों एवं ऑटो चालक संघ के पदाधिकारियों की बैठक लेकर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक में ऑटो चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाएं। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में स्कूल प्रबंधन से भी अपील की गई कि यदि कोई ऑटो चालक बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन करता है तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। डीएसपी ट्रैफिक ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान कोई ऑटो चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक के अगले ही दिन से यातायात पुलिस ने शहर में स्कूली ऑटो वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी। यातायात थाना प्रभारी रोहित बंजारे एवं उनकी टीम ने विभिन्न स्थानों पर जांच करते हुए ऑटो चालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा ओवरलोडिंग नहीं करने की सख्त हिदायत दी।
बहरहाल रायगढ़ के बेलगाम ट्रैफिक और बेतरतीब खड़े वाहन और बेपरवाह ऑटो और वाहन चालकों के दिन फिर रहे है..यातायात पुलिस की इस पहल से जनता में एक सकारात्मक सुधार की आस जगी है।
















