अंकित गोरख की रिपोर्ट
रायगढ़ 13 अक्टूबर- आदिवासी छात्रावास बालक क्रमांक 4 के विद्यार्थियों ने आज हॉस्टल में व्याप्त समस्याओं को लेकर सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग को एक पत्र सौंपा गया है। जिसमें छात्रावास की बिल्डिंग का जर्जर होना छतों से प्लास्टर का झड़ना पानी का रिसाव नालियों के जाम होने आदि कई समस्याएं लिखी गई हैं।

शौचालय के दरवाजे भी हुए गायब…और खाना भी विलंब से मिलता है..!!
गौरतलब है कि शौचालय जैसी जगह पर भी दरवाजों का न होना किस कदर की भर्राशाही को दर्शा रहा है जहां एक ओर छात्र बिना दरवाजों के शौचालय का इस्तेमाल कर रहे है और ऊपर से पानी प्लास्टर गिरने का डर भी बना रहता है हद तो यह है कि ये शौचालय जाम भी हो चुके हैं।
अव्यवस्था का आलम ये है कि खाना भी छात्रों को दिया तो जाता है पर उसकी गुणवत्ता भी बहुत उच्चतम स्तर की नहीं होती और नियमित विलंब से भी परोसा जा रहा है जिसकी शिकायत भी दर्ज की गई है।
कौन है जिम्मेदार..!!
आजाक विभाग के अंतर्गत आने वाले इन छात्रावासों का कोई तो अधिकारी मासिक या त्रैमासिक निरीक्षण करता होगा और यहां तैनात अधीक्षकों का भी तो ये दायित्व है कि समय समय पर यहां की मूलभूत समस्याओं के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना देकर इसे ठीक करवाएं पर इन छात्रावासों की हालत देखकर तो ये लगता है कि फाइलों में शायद इनकी मरम्मत हुई होगी पर धरातल में शायद सेटिंग से काम चल गया होगा क्योंकि शायद भोले भाले आदिवासी छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं से जिस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है उससे इस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोई सरोकार नहीं है।















