राजकाज न्यूज की पुरानी खबर..बैंकिंग बनी अब सौदेबाजी..हो रही पैसों की बंदरबांट…!!! आखिरकार निजी बैंकों का सच सामने आने लगा है…!!!..क्या अब भी सरकारी खाते खुलेंगे निजी बैंकों में…बड़ा सवाल..???
प्राइवेट बैंकों की मनमानी चरम पर..ग्राहक हो या कर्मचारी…बैंकिंग अब बनी सौदेबाजी..!!!बिना बैंक शाखा के खुल रहे खाते..हो रही शासकीय खातों की निजी बैंकों में बंदरबांट..!!
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक को राज्य सरकार ने किया इंपैनलमेंट से बाहर…अब आगे क्या..??!!!
चंडीगढ़: 23फरवरी, हरियाणा सरकार के करोड़ों रुपये की हेराफेरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में सरकारी खातों से लगभग 590 करोड़ रुपये के गायब होने की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद बैंकिंग जगत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुआ खुलासे का आगाज़?
यह घोटाला उस वक्त सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद करने और जमा राशि को दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने का आवेदन दिया। बैंक रिकॉर्ड की जांच के दौरान विभाग को पता चला कि उनके खाते में मौजूद शेष राशि (Balance) और बैंक के आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर है। इसके बाद जब अन्य विभागों के खातों की स्क्रूटनी की गई, तो कुल 590 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पाई गई।
बैंक की आंतरिक जांच और कार्रवाई
घोटाले की भनक लगते ही IDFC फर्स्ट बैंक ने त्वरित कार्रवाई की है:
निलंबन: मामले में संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर बैंक ने 4 वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है।
फॉरेंसिक ऑडिट: बैंक ने पूरे मामले की तह तक जाने के लिए KPMG को फॉरेंसिक ऑडिट का जिम्मा सौंपा है।
पैसे की रिकवरी: बैंक ने उन खातों को चिन्हित किया है जहाँ पैसा ट्रांसफर किया गया था। उन बैंकों से संपर्क कर फंड को फ्रीज (Lien Mark) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हरियाणा सरकार का ‘एक्शन’
हरियाणा सरकार के वित्त विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को तत्काल प्रभाव से ‘डी-एम्पैनल’ (De-empanelled) कर दिया है।














