जशपुरनगर 19 मार्च (रमेश शर्मा)
सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने
हिन्दू नववर्ष के पावन अवसर
पर जिले वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं शुभ कामनाएं देते हुए सभी के लिए मंगलकामना की है।
श्रीमती गोमती साय आज विधानसभा सत्र के बीच में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के मुख्य अतिथ्य में आयोजित पारंपरिक सरहुल सरना पूजा में सम्मिलित हुई।
श्रीमती गोमती साय सरहुल महोत्सव का कार्यक्रम में शामिल होकर धरती माता, प्रकृति और जनजातीय संस्कृति के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
श्रीमती गोमती साय ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध आदिवासी परंपरा, प्रकृति प्रेम और सांस्कृतिक अस्मिता का जीवंत उत्सव है। इस पूजा में विशेष रूप से सरई वृक्ष और प्रकृति के विविध स्वरूपों की आराधना कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।
दरअसल, सरहुल परब, चैत्र महीने में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है। यह प्रकृति के नवजीवन का प्रतीक है, जब पेड़ों में नए पत्ते और फूल आते हैं तथा महुआ और साल-सखुआ के फूलों से वातावरण महक उठता है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा और प्रसाद वितरण के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया जाता है। महोत्सव के दौरान युवक-युवतियों द्वारा पारंपरिक नृत्य-गीत प्रस्तुत किए जाते हैं तथा वर्षा और फसल का अनुमान लगाने की परंपरा निभाई जाती है। घर-घर सरई (साल) फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। सरहुल महोत्सव जनजातीय आस्था, प्रकृति प्रेम और सामूहिक जीवन की समृद्ध परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जो समाज को एकता और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ता है।
















