रमेश शर्मा

50 सालों का सफर ख़बरों के साथ...✒️

रमेश शर्मा

50 सालों का सफर ख़बरों के साथ...✒️

Edit Template
हेडलाइन

रायगढ़ में ‘रेत का खेल’: बारिश में चांदी काटने की तैयारी…???!!! नदी-नालों को चीरकर माफिया बना रहे अवैध डंपिंग यार्ड: सो रहा खनिज विभाग…???!!!

अंकित गोरख की खास रिपोर्ट…

रायगढ़, 29 मई- मानसून की आहट के साथ ही रायगढ़ शहर के बाहरी इलाकों में रेत माफिया एक बार फिर बेखौफ होकर सक्रिय हो गए हैं।

एनजीटी के नियमों और सरकारी आदेशों को ताक पर रखकर शहर के आस-पास के नदी-नालों का सीना छलनी किया जा रहा है।

हैरान करने वाली बात यह है कि बिना किसी रॉयल्टी और वैध अनुमति के, दिन-रात धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन खनिज विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है..???

बारिश में ‘ब्लैक’ में बेचने की बड़ी साजिश

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रेत माफिया इस समय भारी मात्रा में रेत निकालकर शहर के बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग सुनसान इलाकों में डंप कर रहे हैं। इस बेतहाशा डंपिंग के पीछे एक सोची-समझी क्रोनोलॉजी है। दरअसल, बारिश के दिनों में नदियों में पानी बढ़ने के कारण रेत निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाता है, जिससे बाजार में रेत की किल्लत हो जाती है। इसी का फायदा उठाने के लिए माफिया अभी से स्टॉक जमा कर रहे हैं, ताकि आगामी महीनों में आम जनता को मनचाहे और औने-पौने (मनमाने) दामों पर रेत बेचकर मोटी कमाई की जा सके।

रॉयल्टी को चूना, पर्यावरण को भारी नुकसान

बिना रायल्टी पर्ची के चल रहे इस खेल से एक तरफ जहां शासन को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है, वहीं दूसरी तरफ अंधाधुंध उत्खनन से नदी-नालों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। इससे भू-जल स्तर गिरने और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होने का खतरा मंडराने लगा है। भारी-भरकम हाइवा और ट्रैक्टरों के अवैध परिवहन से ग्रामीण सड़कें भी जर्जर हो रही हैं।

बड़ा सवाल:

आखिर खनिज विभाग की यह कैसी ‘रहस्यमयी’ खामोशी है? क्या अधिकारियों को शहर के नाक के नीचे चल रहे इस बड़े डंपिंग यार्ड की भनक नहीं है..??

या.. यूँ कहें कि माफियाओं को किसी रसूखदार का मूक संरक्षण प्राप्त है..??

क्या खनिज विभाग कसेगा नकेल..??

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खनिज विभाग की टीम केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगी या इन बेखौफ रेत माफियाओं पर सच में कोई ठोस नकेल कसेगी? अगर समय रहते इन अवैध डंपिंग यार्डों को जब्त नहीं किया गया और उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर होंगे।

जनता की नजरें अब प्रशासन और खनिज अमले की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या वे इस अवैध ‘रेत साम्राज्य’ को ध्वस्त कर पाते हैं या नहीं…!!!??

Advertisement

error: Content is protected !!