पत्थलगांव 01 सितम्बर ( रमेश शर्मा )
भारतीय जनता पार्टी का जिला संगठन की टीम में इस बार पत्थलगांव से एक भी चेहरे को शामिल नहीं किया गया है। भाजपा संगठन के इस निर्णय के बाद सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता भी काफी हैरान हैं।
जशपुर जिले की राजनीति में विशेष अहमियत रखने वाले पत्थलगांव के लिए जब कोई बड़ा निर्णय लेना पड़े उस वक्त जल्दबाजी या लापरवाही की कभी भी गुंजाइश नहीं रहती है।
इस बार भी भाजपा के दिग्गज नेताओं के इस निर्णय को कम-से-कम भूलवश तो नहीं माना जा सकता है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भाजपा के चुनाव प्रभारियों की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए ही यंहा कटू निर्णय लिए गए हैं।
हालांकि पत्थलगांव जनपद पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव में भाजपा की शानदार सफलता से इनकार नहीं किया जा रहा है लेकिन इन चुनावों के अलग-अलग प्रभारियों की रिपोर्ट के बाद पत्थलगांव के कर्मठ और मेहनती नेताओं को इनाम नहीं मिल पाया।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल मित्तल,विश्शु शर्मा, संजय लोहिया, हरजीत सिंह भाटिया,अवधेश गुप्ता की अपने अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ की बात चुनाव परिणाम में स्पष्ट दिखाई दी है। लेकिन विडंबना यह रही कि भारतीय जनता पार्टी का जिला संगठन में इनमें से किसी भी चेहरे को जिम्मेदारी सौंपें जाने पर विचार नहीं किया गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की इस सख्ती के बाद पार्टी के नेताओं में मायुसी छाई हुई है।
भारतीय जनता पार्टी के जिला संगठन में लगातार चार बार उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सम्हालने वाले सुनील अग्रवाल का कहना है कि पार्टी का यह निर्णय उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले में भाजपा को ऊंचाईयों पर ले जाने पत्थलगांव का शुरू से ही अहम योगदान रहा है। इस बार पत्थलगांव विधानसभा का चुनाव के दौरान नया जिला, सड़कों का कायाकल्प, पत्थलगांव नल जल योजना सहित अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए जाने के वायदे किए गए थे, लेकिन विडंबना यह है कि इनमें से अधिकांश योजानाओ पर अभी तक शुरुआत ही नहीं हो पाई है।
इस बार विरोधी कांग्रेस पार्टी के नेता भी पत्थलगांव भाजपाइयों का कद ऊंचा उठने की उम्मीद लगा रहे थे। यंहा भाजपा का जिला संगठन की टीम में शहरी क्षेत्र से सभी नेताओं की अनदेखी कर दी गई है।
दरअसल, पत्थलगांव में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में अनुशासित भारतीय जनता पार्टी
के ही जिम्मेदार नेताओं ने जमकर अनदेखी की थी। इसके अलावा नगरीय निकाय चुनाव में भी भाजपा के नेता अपनी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों का विरोध करने उतर चुके थे। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने तो नगर पंचायत अध्यक्ष को चुनाव से पहले ही कमजोर करने के लिए मोर्चा खोल दिया था। नगरीय निकाय चुनाव में ऐसे भाजपा नेताओ की गतिविधियों पर पूरा ध्यान रखा जा रहा था ।
बताया जाता है कि अब भाजपा का नया संगठन बनाने के दौरान इन्हीं बातों पर गहन समीक्षा की गई। इसी वजह पत्थलगांव को काफी कम महत्व दिया गया है।















