पत्थलगांव 10 सितंबर (रमेश शर्मा)
छत्तीसगढ़ का आदिवासी बहुल जशपुर जिले में कलेक्टर रोहित व्यास,जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन में गांव के अंतिम छोर तक साक्षरता को बढ़ावा देने की पहल को उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है।
साक्षरता के जिला परियोजना अधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा ने आज बताया कि यंहा ‘उल्लास’ कार्यक्रम के तहत पत्थलगांव जनपद अन्तर्गत लुड़ेग ग्राम पंचायत में महिलाओं और युवाओं को साक्षर बनाने वाली आदिवासी महिला संगीता टोप्पो को राष्ट्रीय स्तर पर ‘उल्लास साक्षरता प्रोत्साहन पुरस्कार’ प्राप्त हुआ है।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर आयोजित ‘ “उल्लास कार्यक्रम में राज्य की टीम में जशपुर जिले के पत्थलगांव से संगीता टोप्पो स्वयंसेवी शिक्षिका, संतोषी डनसेना, श्यामवती चौहान और राजू दान टोप्पो को शामिल होने का अवसर मिला था।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में संगीता टोप्पो ने विशेष रूप से डिजिटल युग में साक्षरता पर जोर देते हुए मोबाइल ऐप्स, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान और बेसिक कंप्यूटर स्किल्स के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
यंहा संगीता टोप्पो के प्रयासों से पंचायत में 100+ लोगों को साक्षर बनाया गया है, जिससे ग्राम पंचायत की साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। यह कार्य छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के सहयोग से हुआ।
इस उपलब्धि पर संगीता टोप्पो को ‘उल्लास साक्षरता प्रोत्साहन पुरस्कार’ प्राप्त हुआ, ग्रामीण इलाकों में साक्षरता का उजियारा फैलाने वाली इस महिला को एक शील्ड, प्रमाण-पत्र और सम्मान देकर पुरस्कृत किया गया।
यह राष्ट्रीय स्तर का बड़ा सम्मान है, जो छत्तीसगढ़ और लुड़ेग पंचायत का नाम रोशन करता है। इस समारोह में विभिन्न राज्यों से 20+ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा आयोजित इस समारोह में ‘उल्लास’ कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षरता प्राप्त राज्यों/क्षेत्रों (जैसे हिमाचल प्रदेश 99.3%, गोवा 99.72%, लद्दाख) को बधाई दी गई। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (आभासी), राज्य मंत्री जयंत चौधरी, और शिक्षा सचिव संजय कुमार उपस्थित थे।
थीम के अनुरूप, डिजिटल साक्षरता पर जोर दिया गया, और 10 और राज्यों को वर्षांत तक पूर्ण साक्षर घोषित करने का लक्ष्य रखा गया।
उल्लास कार्यक्रम की समन्वयक
अर्चना शर्मा अवस्थी संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी), स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी विभाग, शिक्षा मंत्रालय से हैं।















