बगीचा 09 सितंबर (रमेश शर्मा)
जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने आज बगीचा में विशाल रैली निकाल कर केंद्र सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।
गणेश राम भगत ने आज साफ शब्दों में कहा कि धर्मांतरण कर लेने वालों को आदिवासियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं से तत्काल वंचित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में कानून बदलाव लाकर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। बगीचा में बारिश का मौसम के बाद भी गणेश राम भगत के नेतृत्व में हजारों आदिवासी वर्ग के लोगो की भीड़ उमड़ी थी। धर्मांतरण कर लेने के बाद भी ऐसे आदिवासी लोगों के विरोध में लोगों का गुस्सा सहज ही दिखाई दे रहा था।
गणेश राम भगत ने कहा कि इस मामले में उनकी एक सुत्रीय मांग है। उन्होंने कहा कि जब दोहरा लाभ लेने वालों के विरुद्ध सख्त कानून नहीं लाया जाता तब तक उनके आन्दोलन पर विराम नहीं लगेगा।
जनजातीय सुरक्षा मंच के प्रांत संयोजक रोशन साय ने बताया कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में भी काफी तेज गति से चल रहा है। इस मामले में उनका राष्ट्रीय नेतृत्व ने केंद्र सरकार के समक्ष काफी ठोस तथ्य प्रस्तुत किए हैं। इन तथ्यों के मद्देनजर धर्मांतरण करने वाले लोगों को सरकार की सुविधाओं से निश्चित रूप से वंचित होना पड़ेगा।
बगीचा में आयोजित इस रैली से कई घंटों तक मुख्य सड़क पर आवागमन ठप्प हो गया था। पूर्व कैबिनेट मंत्री गणेश राम भगत के तीखे तेवरों को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों में भी चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थी। गणेश राम भगत के साथ जनजातीय सुरक्षा मंच के पदाधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।















