पत्थलगांव 26 मार्च (रमेश शर्मा)
पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में तिलडेगा गांव का भदरापारा में वन विभाग अमला ने हाथियों से घिरे एक परिवार के 3 सदस्यों के पास समय पर पहुंच कर सभी को सुरक्षित बचा लिया.मदद का हाथ बढ़ाने में थोड़ी सी देरी पीड़ित परिवार के लिए बड़ी मुश्किल बन सकती थी।
हालांकि वन अमला ने भारी मुसीबत में फंसे इन ग्रामीणों का कच्चा घर से रेस्क्यू ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही हाथियों ने उस घर को तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर डाला, लेकिन हाथियों के हमले से सुरक्षित बच जाने के बाद तीनों सदस्य अभी भी दहशत से नहीं उबर पाऐ हैं।
हाथियों से घिरे ग्रामीणों का रेस्क्यू ऑपरेशन से लौट कर पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अधिकारी कृपासिंधु पैंकरा ने बताया कि नन्दनझरिया जंगल में एक पखवाड़े से डेरा डाल कर बैठा ग्यारह हाथियों का दल की गतिविधियों पर सतत निगरानी रख कर आसपास के गावों में समय पूर्व सी सूचना देकर उन्हें सतर्क कर दिया जा रहा है।
आज बीती रात भी वन विभाग का अमला इन हाथियों पर सतत निगरानी करने में जुटा हुआ था। इसी दौरान तिलडेगा के समीप भदरापारा में खेतों में कच्चा घर बना कर रहने वाला जय कुमार नाग का परिवार के तीनों सदस्यों पर हाथियों के हमले की संभावना दिखाई दी थी। वन विभाग का अमला ने हाथियों का दल के पहुंचने से पहले वंहा सो रहे तीनों सदस्यों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया । इसके कुछ ही देर बाद हाथियों का दल उस कच्चे घर में पहुंच गया था। हाथियों के दल ने इस घर को भले तोड़ डाला था लेकिन घर के भीतर होने गन सदस्यों को निश्चित ही बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता था।
ग्यारह हाथियों के इस दल ने इस दौरान अन्य तीन लोगों के घरों को भी क्षतिग्रस्त किया है । वन विभाग ने सभी पीड़ितों के मुआवजा प्रकरण दर्ज कर लिए हैं।















