जशपुर 06 सितंबर (रमेश शर्मा)
जशपुर वन मंडल में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख कर सुरक्षा के उपाय कर पाने में वन विभाग की टीम गंभीर नहीं है। दोकड़ा क्षेत्र में पदस्थ वन कर्मचारी एडमिन केरकेट्टा का मनमाना रवैया को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही से ही बार बार हाथियों के दल रिहायशी इलाकों में पहुंच कर लोगों के घरों में तोड़फोड़ और जनहानि की दुखद घटना को अंजाम दे रहे हैं।
हाथियों के लगातार हमले से ग्रामीणों में जगह जगह आक्रोश बढ़ने लगा है।
आज बीती रात कांसाबेल वन परिक्षेत्र के दोकड़ा पोखरटोली में बिलिक्र्स ईस्टर्न चर्च पर चार हाथियों ने जमकर कहर बरपाया।
हाथियों ने इस चर्च के चारों ओर की दीवारों को बुरी तरह तोड़ डाला और पीछे बने रूम को भी नुकसान पहुंचाया। यहां श्रद्धालुओं से एकत्रित किया गया चावल धान का भंडार को भी हाथियों ने चट कर डाला।समाजसेवा कार्य के लिए रखे बर्तन, चावल व खाद्य सामग्री को हाथियों ने काफी नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीणों के अनुसार ये हाथी पत्थलगांव से तीन और सीतापुर से एक हाथी अब कांसाबेल क्षेत्र में उत्पात मचा रहे हैं। सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि जशपुर वन मंडल के उच्च अधिकारी इस विकराल समस्या से ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने में स्कूलों में जागरूकता अभियान की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।
हाथियों का दल पिछले एक सप्ताह से दोकड़ा क्षेत्र में घूम रहे हैं। देर रात ये विचरण करते हुए कांसाबेल के चर्च को निशाना बना लिया।
ग्रामीणों ने शोर-शराबा कर उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन हाथियों ने तब तक काफी नुकसान कर दिया था।
कांसाबेल रेंजर प्रभावती चौहान ने आज फोन पर बताया कि पिछले एक सप्ताह से यही चार हाथी दोकड़ा इलाके में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि चर्च में हाथियों से क्षति का आकलन कर प्रभावितों को जल्दी ही मुआवजा राशि दिलाई जाएगी।















