राजकाज हेल्थ अपडेट….अब हर मंगलवार को पढ़ें…स्वास्थ्य समाचार....अलग अलग विषयों पर..पिछले सप्ताह राजकाज न्यूज ने “मधुमेह मुक्ति की राह.” पर प्रकाश डाला था..इस अंक में प्रस्तुत है… “भागदौड़ भरी जिंदगी में आयुर्वेद के अचूक मंत्र“
आधुनिक युग की आपाधापी और ‘कॉर्पोरेट स्ट्रेस’ के बीच मनुष्य अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर रहा है।💚❤️
इसी विषय पर चर्चा करते हुए रायगढ़ के प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. संतोष गुप्ता(एम.डी. आयुर्वेद) ने हमें एक मार्गदर्शन सत्र में बताया कि कैसे प्राचीन आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाकर एक व्यस्त व्यक्ति भी पूर्णतः स्वस्थ रह सकता है।
“बीमारी का इलाज नहीं, स्वास्थ्य की रक्षा है आयुर्वेद” – डॉ. संतोष गुप्ता
डॉ. गुप्ता के अनुसार, आयुर्वेद केवल जड़ी-बूटियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह ‘स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं’ (स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा) के सिद्धांत पर चलता है।*
उन्होंने आज की पीढ़ी के लिए कुछ प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
*विरुद्ध आहार से बचें:*
डॉ. गुप्ता ने चेतावनी दी कि आज के समय में बीमारियों का सबसे बड़ा कारण ‘विरुद्ध आहार’ (गलत खाद्य संयोजन) है। जैसे दूध के साथ नमक वाली चीजें या ठंडे-गर्म का एक साथ सेवन। यह शरीर में ‘आम’ (विषाक्त पदार्थ) पैदा करता है।
*जठराग्नि का महत्व:*
डॉक्टर साहब का मानना है कि यदि आपकी पाचक अग्नि (Metabolism) सही है, तो आप लंबी आयु प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि:
भोजन तभी करें जब खुलकर भूख लगे।
सूर्यास्त के आसपास हल्का भोजन कर लेना सबसे उत्तम है।
तनाव प्रबंधन पर विशेष सुझाव:
डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि आज की ‘बर्नआउट’ संस्कृति से बचने के लिए ‘नस्य’ (नाक में औषधीय तेल डालना) और ‘पादअभ्यंग’ (पैरों की मालिश) जादू की तरह काम करते हैं। उनके अनुसार, रात को सोने से पहले तलवों की मालिश करने से दिन भर की मानसिक थकान दूर हो जाती है।

*स्वर्णिम स्वास्थ्य के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ गुप्ता का जनमानस को संदेश:*
“शरीर आपका सबसे बड़ा निवेश है। यदि आप प्रतिदिन अपनी दिनचर्या में केवल 10% बदलाव भी आयुर्वेद के अनुसार करते हैं, तो भविष्य में आप 90% बीमारियों से बच सकते हैं।”
















