अकाउंट बंद होने और एनओसी मिलने के महीनों बाद भी ग्राहकों को नहीं मिल रहे बैंक में जमा कागजात..!! शिकायत के बाद भी उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं..
सारंगढ़ – सारंगढ़ जिले में संचालित आईसीआईसीआई बैंक शाखा की मनमानी से ग्राहक चक्कर काटने को मजबूर है और परेशान होकर शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्राहकों द्वारा सेवा से त्रस्त होकर अकाउंट बंद करवाने के बाद भी उनको बैंक में जमा उनके जमीनों के कागजात नहीं दे पा रही है प्रक्रियाओं में उलझाकर उपभोक्ताओं के हितों से खेला जा रहा है।
सशस्त्र गार्ड की नियुक्ति नहीं – कॉस्ट कटिंग का बहाने बैंक की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है जिला मुख्यालय की प्रमुख शाखा होने के बावजूद इसमें सशस्त्र गार्ड की नियुक्ति नही की गई है..ये भी एक सवाल बनता है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा…सारंगढ़ जिला एक सरहदी क्षेत्र होने के कारण इसकी जरूरत और भी बढ़ जाती है..!!!
कहते है उगते सूरज को सभी सलाम करते हैं उसी प्रकार खाते बंद करके जाते हुए ग्राहक को कौन पूछेगा यही नहीं अपने रसूख की धमक दिखाने के लिए स्थानीय बैंक प्रबंधन पूरा जोर लगा रहा है।
रीजनल जोनल अधिकारियों को शिकायत करने पर या तो फोन नहीं उठाया जाता या उठाने पर मीटिंग का बहाना बनाकर बाद में देखने का आश्वासन दे दिया जाता है।
हमारे संवाददाता द्वारा जब ब्रांच मैनेजर से बात की गई तो उन्होने बताया कि अकाउंट बंद हों चुका है लेकिन अभी तक ग्राहक को प्रॉपर्टी के पेपर वापस नहीं हो पाए है।
बैंक में शासकीय योजनाओं के करोड़ों फंड होने के बाद भी बैंक के कर्मचारी ग्राहकों से सही व्यवहार नहीं करते और पिछले दरवाजे से हमेशा डिपॉजिट की जुगत में लगे रहते है..जनता के हितों से इन्हें कोई सरोकार नहीं होता है… उपभोक्ताओं को भटकाया जाता है…!!!
जिला प्रशासन को इस पर संज्ञान लेकर एक उचित कदम उठाते हुए जिस बैंक के द्वारा ग्राहक सेवा में कमी पाए जाने पर शासकीय खाते उस बैंक से खाते बंद करने जैसी कार्यवाही होना चाहिए…!!!
पूर्व में भी ऐसी घटनाएं अन्य ग्राहकों के साथ भी हो चुकी है जिससे स्थानीय व्यापारियों में बैंक के प्रति आक्रोश का माहौल है व्यापारिक संगठनों ने इनके खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है।
















