कोरबा 16 फरवरी ( रमेश शर्मा )
बिलासपुर से ईशान एवं आर्या की नवयुगल दंपत्ति ने अपने परिजनों के साथ विवाह के बाद कोरबा स्थित प्रशांति वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को उपहार, मिठाई और भोजन करा कर उनसे आशीर्वाद लिया. और खुशियां बांटीं।

कोरबा में इस दृश्य को जिसने भी देखा सभी का यह कहना था कि यह एक बहुत ही हृदयस्पर्शी और प्रेरणादायक पहल है “वृद्धा आश्रम पहुंच कर नवयुगल के साथ उनके परिजन भी पहुंचे थे। सभी ने बुजुर्गों के साथ आत्मीयता के साथ बातें की और और उन्हें खुशियां” बांटी।
मुंगेली जिले में पदस्थ विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रतिभा मण्डलोई का कहना था कि ऐसी पहल समाज में बहुत जरूरी हैं, क्योंकि आजकल कई बुजुर्ग अपनों से दूर वृद्धाश्रम में रहते हैं। नवयुगल का यह कदम सम्मान, करुणा और पारिवारिक मूल्यों की याद दिलाता है।
श्रीमती मण्डलोई का कहना था कि ऐसा करना न केवल बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लाता है, बल्कि नवदंपति के लिए भी एक शुभ शुरुआत मानी जाती है. क्योंकि बुजुर्गों का आशीर्वाद जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।

नवविवाहित जोड़े ने अपनी शादी के बाद वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ काफी समय बिताया। यंहा बुजुर्गों को मिठाई, उपहार, कपड़े या प्यार बांटते रहे, और उनसे आशीर्वाद किया।
नवयुगल दंपति के रिश्तेदारों ने इसे वैवाहिक समारोह में से सबसे यादगार और खुशियों के अद्भुत क्षण बताया। सभी रिश्तेदार व मित्र भी इससे प्रेरणा लेकर ऐसी ही शुरुआत करने की बात कह रहे थे। सभी लोग कोरबा के वृद्धाश्रम पहुंच बुजुर्गों से मिलते रहे और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इस दौरान बुजुर्गों के साथ सभी आगंतुकों तथा वृध्था आश्रम प्रबंधन के सदस्यों की भी आंखें खुशियों से नम हो गई थी।















