रमेश शर्मा

50 सालों का सफर ख़बरों के साथ...✒️

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हेडलाइन

हाथियों से जनहानि पर भी नहीं लग रहा विराम…जशपुर मंडल में वन अमले की कमी से हाथी सहित अन्य वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर लगा सवालिया निशान..!!

जशपुर नगर 26 सितंबर ( रमेश शर्मा )
जशपुर वन मंडल में इन दिनों अनेक वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद रिक्त हो जाने के बाद जगह जगह अव्यवस्था का आलम बना हुआ है।

जशपुर वन मंडल में कई जगह परिक्षेत्र अधिकारी के अभाव में विभागीय काम को पूरा करने के लिए प्रभारियों से काम चलाया जा रहा है। वन कर्मचारियों की इस कमी से यंहा हाथी सहित चीतल जैसे अन्य वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लग गया है।


वन अधिकारी और कर्मचारियों की कमी से जशपुर वन मंडल में सबसे अधिक हाथियों के हमले से जनहानि रोकने में दिक्कत बढ़ी है।
बगीचा वन परिक्षेत्र का जुरगुम गांव में हाथियों ने गालो बाई नामक एक महिला को कुचल कर मार डाला जबकि दूसरी महिला ने काफी मुश्किल से अपनी जान बचाई। बगीचा वन परिक्षेत्र का कुड़ूकेला गांव में भी हाथियों के हमले से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। महिने भर में हाथियों के हमले की तीन अलग-अलग घटनाओं से तीन महिलाओं की मौत से लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है।

बिना उपचार के जंगल में छोड़ा गया चीतल


   क्या कहते हैं जशपुर डीएफओ
  जशपुर वन मंडल अधिकारी शशिकुमार ने आज राज-काज न्यूज को बताया कि बगीचा वन परिक्षेत्र में वन अधिकारी का पद रिक्त होने के बाद यंहा सन्ना वन अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देकर काम कराया जा रहा है।
डीएफओ ने कहा कि हांलांकि एक महीने के भीतर तपकरा, कुनकुरी और बगीचा वन परिक्षेत्र में हाथियों के हमलें से तीन जनहानि के मामले दर्ज किए गए हैं लेकिन बीते साल की स्थिति में जनहानि अधिक दर्ज की गई है।
डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी संबंधित ग्राम तक समय से पहुंचाने के लिए सरपंच, कोटवार तथा अन्य नागरिकों की भी मदद ली जा रही है।

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