रमेश शर्मा…
जशपुर .21 अगस्त
राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता विजय जामनिक को गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय निधि की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है।
दो करोड़ तिरानबे लाख की कि गई हेराफेरी…
यह पूरा मामला जशपुर जिले की सुसडेगा व्यपवर्तन योजना से जुड़ा है। विभागीय अभिलेखों की जांच में सामने आया कि कार्यपालन अभियंता ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए, ठेकेदार द्वारा जमा की गई अतिरिक्त सुरक्षा निधि राशि 2.93 करोड़ रुपये समयपूर्व लौटा दी।
इसमें एफडीआर नंबर 1764903 और 1764904 के तहत प्रत्येक 1.46 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। वर्तमान में इस अनुबंध के अंतर्गत कार्य की प्रगति मात्र 60 प्रतिशत है तथा ठेकेदार द्वारा कार्य पूर्णता की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में यदि कार्य अधूरा छोड़ दिया जाता है, तो विभाग उक्त राशि राजसात नहीं कर सकेगा।
समय से पहले राशि जारी किए जाने से विभागीय हितों को नुकसान पहुंचा है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय निधि की सुरक्षा में लापरवाही माना गया है, जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
ठेकेदार ने किया बस 60 प्रतिशत ही काम…
वर्तमान स्थिति में अनुबंधित कार्य की प्रगति केवल 60 प्रतिशत ही है और ठेकेदार द्वारा इसे पूर्ण करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि कार्य अधूरा रह जाता है तो विभाग उक्त राशि को राजसात नहीं कर पाएगा, जिससे विभागीय हितों को गंभीर क्षति पहुंचेगी।
अब जाकर शासन को कार्यवाही याद आई…
राज्य शासन ने इसे वित्तीय अनियमितता, अनुशासनहीनता एवं गंभीर लापरवाही की श्रेणी में मानते हुए श्री जामनिक को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।निलंबन अवधि में श्री जामनिक का मुख्यालय मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर निर्धारित किया गया है।निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।















