रायगढ़ -13 मई
आज हम एक ऐसे व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं… जिनका जाना परिवार के लिए.. एक अपूरणीय क्षति है। श्री शंकर लाल शर्मा जी—एक ऐसा नाम जो आत्मीयता, सरलता और निस्वार्थ प्रेम का पर्याय था।
राजकाज न्यूज़ परिवार के वरिष्ठ सदस्य और डायरेक्टर नितेश शर्मा जी के पूज्य चाचा जी, श्री शंकर लाल शर्मा जी का जीवन एक खुली किताब की तरह था, जिसके हर पन्ने पर स्नेह और अपनत्व की स्याही बिखरी हुई थी।

व्यक्तित्व: जहां प्रेम ही सर्वोपरि था
शंकर लाल जी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता उनका हंसमुख और खुशमिजाज स्वभाव था। उनकी उपस्थिति मात्र से ही आसपास का वातावरण सकारात्मकता से भर जाता था। वे केवल उम्र में ही बड़े नहीं थे, बल्कि अपने विचारों और व्यवहार में भी ‘पितातुल्य’ थे।
बच्चों के प्रिय ‘चाचा नेहरू’: बच्चों के प्रति उनका अगाध प्रेम उन्हें आधुनिक युग का ‘चाचा नेहरू’ बना देता था। छोटे बच्चों के बीच वे खुद भी बच्चे बन जाते थे, यही कारण था कि हर बच्चा उनके पास खिंचा चला आता था।

सभी के चहेते: परिवार के छोटे सदस्य हों या बड़े, हर किसी के दिल में उनके लिए एक विशेष स्थान था। वे रिश्तों की अहमियत समझते थे और सबको साथ लेकर चलने की कला में माहिर थे।

चाचा श्री शंकर लाल शर्मा जी का जीवन हमें सिखाता है कि पद और प्रतिष्ठा से कहीं ऊपर मनुष्यता और व्यवहार होता है। उन्होंने अपना जीवन जिस सादगी और आनंद के साथ जिया, वह आज की भागदौड़ भरी दुनिया में हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
राजकाज न्यूज़ परिवार आज अपने एक अभिभावक को खोने पर गहरे शोक में है। उनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन उनके द्वारा सिखाए गए प्रेम और एकता के पाठ हमें सदैव सही राह दिखाते रहेंगे।
विनम्र श्रद्धांजलि!💐💐🙏🙏















