पत्थलगांव 11 दिसम्बर ( रमेश शर्मा )
सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय ने पत्थलगांव धान मंडी का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्हें किसानों ने एक महिना व्यतित होने के बाद भी लिमिट नहीं बढ़ने तथा अपनी अन्य समस्या से अवगत कराया । किसानों ने बताया कि धान उपार्जन केंद्रों में टोकन कटने में विलम्ब के साथ लिमिट बढ़ाने की जरूरत है। गोमती साय ने किसानों की समस्या को लेकर तत्काल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अवगत कराते हुए उन्होंने किसानों को तत्काल प्रभाव से सुविधा बढ़ाने की बात पर जोर दिया है।
विधायक गोमती साय ने किसानों को पक्का भरोसा दिलाया है कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है तथा हमारे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसानों की सुविधा उपलब्ध कराने की खातिर हर बात को गंभीरता से सुनते हैं। इसलिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
इसी सिलसिले में एक दिन पहले कलेक्टर रोहित व्यास ने पत्थलगांव पहुंच कर तमता,केराकछार के धान उपार्जन केंद्रों का निरिक्षण किया तथा किसानों से रुबरु चर्चा की। इस दौरान यहां के किसानों ने भी धान खरीदी की कम लिमिट से चिंता व्यक्त की थी, और सरकार को प्रतिदिन खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर जल्दी ही इस जटिल समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया है।

दरअसल,अधिकांश समितियों में दैनिक खरीदी सीमा कम होने से धान की खरीदारी धीमी हो गई है। जशपुर जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर सर्वर फेल होने और लिमिट के कारण किसानों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। टोकन कटने के बाद अगली तारीख 15 दिनों तक मिल रही है, जिससे किसानों की नाराजगी बढ़ रही है।टोकन सिस्टम में दिक्कतें को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ने लगा है।
किलकिला , घरजियाबथान, पत्थलगांव और करमीटिकरा उपार्जन केंद्रों के प्रबंधक का कहना था कि ‘तुंहर टोकन’ ऐप से कुछ राहत मिली है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण कई किसान ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों तरीकों से टोकन नहीं कटा पा रहे हैं। बहनाटांगर गांव में एक किसान मनबोध की तरह दर्जनों किसानों ने टोकन न मिलने से समस्या का दुखड़ा सुनाया। यह स्थिति सरकार की व्यवस्था की पोल खोलती है।
जशपुर जिले में कोतबा उपार्जन केन्द्र में किसानों में काफी आक्रोश देखने को मिला। कोतबा उपार्जन केन्द्र में धान परिवहन न होने से अनेक केंद्रों पर धान के ढेर लग गए हैं, और हमालों की कमी से किसान खुद तौल कर रहे हैं। इसी तरह लुड़ेग, बागबहार केंद्रों पर खराब कांटों से प्रति क्विंटल 5 किलो तक का नुकसान हो रहा है। बारदाने की कमी और वजन में गड़बड़ी भी आम शिकायतें हैं। लेकिन विधायक गोमती साय ने किसानों को पक्का भरोसा दिलाया है कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है तथा हमारे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसानों की सुविधा उपलब्ध कराने की खातिर हर बात को गंभीरता से सुनते हैं। इसलिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

केराकछार धान उपार्जन केंद्र में कलेक्टर रोहित व्यास ने किसानों से रुबरु चर्चा की















