राजकाज न्यूज
कोलकाता – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के दौरे पर कोलकाता में 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरे का मुख्य आकर्षण कोलकाता मेट्रो की तीन नई लाइनों का उद्घाटन रहा, जो शहर की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा। इसके साथ ही, उन्होंने दमदम में एक बीजेपी रैली को संबोधित भी किया जिसमें उन्होंने राज्य में विकास और बीजेपी की नीतियों पर जोर दिया।
मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने 13.61 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क का उद्घाटन किया, जिसमें नोआपारा-जय हिंद बिमानबंदर, सियालदह-एस्प्लेनेड, और बेलेघाटा-हेमंत मुखोपाध्याय मार्ग शामिल हैं। ये नई मेट्रो लाइनें नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को शहर के अन्य हिस्सों से जोड़ेंगी, जो 41 वर्षों में पहली बार संभव हुआ है। सियालदह-एस्प्लेनेड मार्ग पर यात्रा समय 40 मिनट से घटकर 11 मिनट हो जाएगा, जबकि हवाई अड्डे तक का सफर 30 मिनट में पूरा होगा। इसके अतिरिक्त, हावड़ा मेट्रो स्टेशन पर एक नए सबवे का भी उद्घाटन किया गया।
कोना एक्सप्रेसवे का शिलान्यास
मोदी ने 7.2 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले कोना एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी, जिसकी लागत 1,200 करोड़ रुपये से अधिक है। यह परियोजना हावड़ा, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और कोलकाता के बीच यात्रा समय को कम करेगी, जिससे व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बीजेपी रैली में टीएमसी पर निशाना
दमदम में आयोजित बीजेपी रैली में प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी के शासन में अपराध और भ्रष्टाचार राज्य की पहचान बन गया है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र द्वारा भेजा गया पैसा जनता तक नहीं पहुंचता और बीजेपी ही बंगाल के विकास की गारंटी है। उन्होंने कहा, “विकसित भारत का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता, जब तक पश्चिम बंगाल का विकास न हो।“
राजनीतिक पृष्ठभूमि और टीएमसी का बहिष्कार
यह दौरा एक तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल में हुआ, जहां टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली प्रवासियों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। टीएमसी ने इसे “बंगाली अस्मिता” का सवाल बनाया और ममता बनर्जी ने मेट्रो उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया।
विकास पर जोर, 2026 चुनाव की रणनीति
यह दौरा 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मोदी ने अपने संबोधन में बंगाल में बीजेपी के विकास एजेंडे को रेखांकित किया और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।
प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि बंगाल की राजनीति में भी नए समीकरण स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।















