अंकित गोरख
रायगढ़ – दो दिन पूर्व सोनिया नगर के भोला यादव को मौत का इंजेक्शन देने वाला कथित डॉक्टर भुवनेश्वर साहू के फरार होने की खबरें आ रही है इसे अब फरार कहें या यूं कहें कि इसके आकाओं ने इसे कुछ समय के लिए अंडरग्राउंड कर दिया है।

भोला यादव के इंजेक्शन से मौत की खबर जैसे ही फैली तुरंत ही ये फर्जी डॉक्टर अपने बचाव के जुगाड तंत्र को सक्रिय करते हुए पीड़ित परिवार को मामले को लेनदेन कर सलटाने की जुगत में लग गया था। और कमोबेश ऐसे ही हुआ भी की न तो मृतक का पोस्टमार्टम हुआ और न ही अपराध पंजीबद्ध हुआ मामले को भावनात्मक मोड देकर मुआवजा स्वरूप लेनदेन कर अंदरखाने ही निपटा लिया गया।
विभाग सो रहा चैन की नींद… ऐसा तो नहीं है कि संबंधित स्वास्थ्य विभाग को या उनके आला अधिकारियों को इस मामले की भनक नहीं लगी..परन्तु ये विभाग एवं इसके अफसरों की कुंभकर्णी नींद अभी नहीं टूटी है और शायद न भी टूटे क्योंकि मौन ही सहमति का पहला लक्षण है इसका अर्थ है कि अप्रत्यक्ष रूप से इनका समर्थन इन जैसे झोलाछाप डॉक्टरों और इनके क्लीनिक को बदस्तूर जारी है और रहेगा।
शहर को घेरा इन झोला छाप डॉक्टरों की फौज ने – आज यदि हम शहर के किसी भी गली मोहल्ले या खासकर निचली बस्तियों में नजर डालें तो इन जैसे झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ आई हुई है और लगभग शहर के सभी बस्तियों मोहल्लों को इन फर्जी डॉक्टर की फौज ने घेर लिया है। सस्ते इलाज के चक्कर में मरीज इनका रुख करता है और ये निर्मोही डॉक्टर उस मरीज को हाय डोज के दवाई एवं इंजेक्शन लगाकर बीमारी तुरंत ठीक कर देने का दावा करते हैं पर हर मरीज का शरीर और बीमारी हाय डोज न झेल पाने के कारण ये हादसे होते हैं।
कब लगेगी लगाम इन पर – यदि शासन चाहे तो इन पर एक दिन में ही लगाम लगा कर नकेल कस सकती है परंतु सूत्र बताते हैं कि सेवा भक्ति के आगे सारे गुनाह माफ कर दिए जाते है और इस गोरख धंधे के जाल में पिसती है तो सिर्फ बेबस जनता ही जिसे संगठित होकर लुटा जा रहा है।















