पत्थलगांव 06 जनवरी ( रमेश शर्मा )
जशपुर जिले के बागबहार थाना क्षेत्र के कुकरभुका का सांवाटोली गांव में अवैध हस्तांतरण कर पत्थर खदान और क्रशर प्लांट की स्थापना को लेकर ग्रामीणों का जबरदस्त विरोध शुरू कर दिया है। दो दिन पहले यंहा सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुषों ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर अपने गुस्से का इजहार किया था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन की समझाइश के बाद भी पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। यंहा अवैध प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों मे भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्राम पंचायत कुकुरभुक्का की सरपंच श्रीमती शकुंतला का कहना है कि यहां जंगल, पेड़-पौधे और पहाड़ ग्राम वासियों के जीवन और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन कथित तौर पर दस्तावेजों में कूटरचना कर लंबे समय की लीज लेकर यहां पत्थर खदान और क्रशर प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्लांट के समीप स्थित गौठान की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, साथ ही पेयजल स्त्रोत को भी पाट दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि प्लांट से उड़ने वाली धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ेगा। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वर्ष 2009 में कथित रूप से फर्जी ग्रामसभा कर करीब 10 एकड़ भूमि लीज पर ली गई थी, जहां अब प्लांट लगाया जा रहा है। जिस पहाड़ की कटाई की जा रही है, उसे आदिवासी समाज ग्राम देवता के रूप में पूजा करता आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के लिए बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई की गई है और पहाड़ियों को काटकर रास्ता बनाया गया है। इसके साथ ही प्लांट संचालक द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने बागबहार थाना में ज्ञापन सौंपा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल, बागबहार तहसीलदार कृष्णमूर्ति दीवान, पत्थलगांव नायब तहसीलदार भीष्म पटेल सहित अन्य अधिकारियों ने मौजूदा हालात का अवलोकन किया। इन अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
ग्राम पंचायत कुकुरभुक्का क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक स्वर में विरोध का स्वर तेज करते हुए इस पत्थर खदान और क्रशर प्लांट को तत्काल निरस्त करने की मांग तेज कर दी है।

















