पत्थलगांव 15 अक्टूबर (रमेश शर्मा)
जशपुर जिले में फसल गिरदावरी ऑनलाइन दावा-आपत्ति का काम लॉक हो जाने से हजारों किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।किसानों का कहना है कि धान बिक्री से पहले एग्री स्टेट कार्ड बनवाने की अनिवार्यता तो कर दी गई है, लेकिन इस साफ्टवेयर में व्याप्त अनेक खामियों को दूर नहीं किया गया है। इस वजह से फौती के बाद किसानों के नाम अपडेट नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह सैकड़ों किसानों को धान उपार्जन केंद्रों में अपनी धान फसल बिक्री की भी समस्या आ खड़ी हुई है।
पत्थलगांव का तमता क्षेत्र के प्रवास में पहुंची सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय के समक्ष आज सरपंच संघ के अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंचे ऐसे ही पीड़ित किसान धनसाय पैंकरा, महादेव छत्तर, हुकुमचंद, रविशंकर पैंकरा, श्रवण सिदार ने लिखित आवेदन पत्र सौंप कर अपनी समस्या का निराकरण हेतु गुहार लगाई।
विधायक गोमती साय के समक्ष किसानों ने बताया कि इस वर्ष फसल गिरदावरी एंट्री के बाद 30 सितंबर को साफ्टवेयर क्लोज कर दिया गया है। इससे संबंधित ग्राम पंचायत के पटवारी के पास वे दावा-आपत्ति भी नहीं कर पा रहे हैं। शासन की आनलाइन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी को लेकर किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त है।
सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने तमता,बालाझार,पंडरी पानी,भैंसामुड़ा क्षेत्र से पहुंचे किसानों को आश्वस्त किया है कि जशपुर कलेक्टर से मुलाकात कर किसानों की इस जटिल समस्या का तत्काल प्रभाव से निराकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ही विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
















