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हेडलाइन

पत्थलगांव (जशपुर) और रायगढ़ …दोनों जिलों में धड़ल्ले से बिक रहे है.. एक्सपायरी डेट वाले खाद्य सामान..बहुत कुछ कहती है…खाद्य सुरक्षा विभाग की चुप्पी..!!

मुख्यमंत्री का गृह जिला और पुराना संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद भी अधिकारियों का ढीला रवैया भी उनके रसूख और पहुंच की अपनी अलग कहानी कह रहा है…!!

राजकाज न्यूज डेस्क – 08 सितंबर

रायगढ़/जशपुर – आमतौर पर देखा गया है कि सरहदी जिलों में गलत कार्य बड़े ही रसूख के साथ किए जाते हैं..क्योंकि इन जगहों पर एक तो सरकार की नजर नहीं पड़ती और दूसरा इन सरहदी और पिछड़े इलाकों में विभागीय अधिकारी भी कुछ इसी रवैए के होते हैं।

कुछ दिनों पूर्व पत्थलगांव में एक्सपायरी डेट के नमकीन और अनेक खाद्य सामग्री के खुले विक्रय की खबर समाचार पत्रों की सुर्खियां बन गई थी और जाहिर है इसकी भनक विभाग के सुस्त अधिकारियों को भी लगी होगी पर आलम ये है कि पत्थलगांव, जशपुर,रायगढ़ और आसपास के इलाकों में कालाबाजारी के ये खेल बहुत जोरों पर हैं और अधिकारी नींद में गाफिल हैं एक्सपायरी डेट के सामानों के विक्रय पर रोक लगाने के लिए न तो कोई अभियान चलाया गया है और न ही कोई छापामार कार्यवाही की गई है। इसी वजह से दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं।

शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों और रेलवे तथा बस स्टैंड के दुकानों में ये सामान आसानी से खपाए जा रहे हैं क्योंकि यात्री हड़बड़ में इन्हें खरीदते हैं  तो इनकी तारीखों पर नजर नहीं डाल पाते हैं और कई जगहों पर तो इनकी तारीखों से छेड़छाड़ भी देखी जा चुकी है।

नकली मावा और पनीर भी आए मार्केट में – पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के अनेक शहरों में नकली मावा और पनीर की एक बड़ी खेप भी पकड़ा चुकी है जाहिर है इसके तार जशपुर रायगढ़ पत्थलगांव और आसपास भी फैले होंगे पर आजतक ऐसी कोई कोशिश इसे रोकने की भी नहीं दिखाई पड़ रही है।

बेकरी के सामानों में नहीं होता टाइमलाइनबेकरी की दुकानों में बिक रहे केक पेस्ट्री और ब्रेड पर भी कई जगह निर्माण तिथि और एक्सपायरी की तारीख नहीं देखी जा रही है और ग्राहक पैसे देकर भी जहर खरीद रहे हैं।

बिना ग्लव्स के सामान का होता है विक्रय – वैसे तो होटलों में और ठेले खोमचे और फ्रूट, जूस दुकानदारों को अपने खाद्य सामग्री को हाथो में ग्लव्स पहनकर ही वितरण करना चाहिए परन्तु ये प्रयास न तो होटल और व्यापारियों ने किया न ही विभाग ने इस ओर कभी ध्यान दिया।

खाद्य सुरक्षा विभाग सिर्फ त्योहारों के सीजन में अपनी कार्यवाही का झुनझुना बजाकर इसे कुछ करीबी मीडिया बंधुओं में देकर अपनी तारीफों के पुल बंधवा लेते हैं जनता से इन्हें कोई सरोकार नहीं है।

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