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हेडलाइन

धान उपार्जन केंद्रों में पूरी पारदर्शिता से धान खरीदी शुरू हो जाने से किसानों में खुशी व्याप्त  ; विष्णुदेव साय  सरकार के प्रति “यह किसानों का विश्वास का उत्सव है।”

पत्थलगांव 24 नवंबर ( रमेश शर्मा )
पत्थलगांव क्षेत्र के सभी धान उपार्जन केंद्रों में पूरी पारदर्शिता से धान खरीदी शुरू हो जाने से जगह-जगह किसानों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। किलकिला सेवा सहकारी समिति व्दारा बहनाटांगर केंद्र में सोमवार को अध्यक्ष विजय सिंह ठाकुर और प्रबंधक चन्द्रभान सिंह नेताम के साथ सैकड़ों किसानों ने धान तिहार पर खुशी का इज़हार किया।
   इसी तरह केराकछार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हरजीत सिंह भाटिया ने पूजा अर्चना कर किसानों से धान खरीदी की शुरुआत कराई।

किलकिला धान उपार्जन केन्द्र के अध्यक्ष विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की पारदर्शी व्यवस्था—जैसे टोकन तुंहर ऐप से ऑनलाइन टोकन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें और 72 घंटे के अंदर भुगतान—की वजह से किसान बिना किसी झंझट के अपना धान बेच पा रहे हैं

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हरजीत सिंह भाटिया ने बताया कि धान उपार्जन केंद्रों में यह खरीदी 31 जनवरी 2026 तक चलेगी, और छत्तीसगढ़ में लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का है। श्री भाटिया ने कहा कि अब सभी केन्द्रों में धान खरीदी की रफ्तार  बढ़ रही है । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के 2,739 उपार्जन केंद्र सक्रिय हैं। यह विष्णु देव साय सरकार की मजबूत निगरानी का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि इन दिनों पूरी पारदर्शिता से धान खरीदी शुरू हो जाने से इसे ‘धान तिहार’ कहा जा रहा है, और इस बार यह वाकई खुशी का पर्व बन गया है।

   आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केराकछार के प्रबंधक रोहित खुंटिया का कहना था कि ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था हो जाने से किसानों की लंबी कतारों का झंझट खत्म हो गया। यंहा किसानों ने “विष्णु सरकार का कमाल, धान तिहार में खुशहाली” लाने की बात कही।
हालांकि, कुछ जगहों पर शुरुआती तकनीकी दिक्कतें बताई जा रही हैं लेकिन अब सुधार हो चुका है।
    पत्थलगांव जनपद में सरपंच संघ के अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह का कहना था कि यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  सरकार के प्रति “यह किसानों का विश्वास का उत्सव है।”
उन्होंने कहा कि यह धान खरीदी न सिर्फ आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि किसान भाईयों, अपनी फसल बेचें और तिहार मनाएं—खुशी आपका हक है!

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