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हेडलाइन

आस्था और पश्चाताप: रायगढ़ के बंगुरसियां में हाथी शावक का ‘दशकर्म और भोज’, ग्रामीणों ने की गजराज की शांति के लिए प्रार्थना:


अंकित गोरख की खास रिपोर्ट…

रायगढ़ | 1 फरवरी, 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के बंगुरसियां गांव में आज मानवता और वन्यजीवों के प्रति अटूट प्रेम की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। कुछ दिन पूर्व गांव के तालाब में डूबने से एक नन्हे हाथी शावक की असामयिक मृत्यु हो गई थी। इस घटना से व्यथित ग्रामीणों ने आज शावक की आत्मा की शांति और गांव की सुरक्षा के लिए पारंपरिक रीति-रिवाज से दशकर्म, गणेश पूजन और सामूहिक भोज का आयोजन किया।

हाथियों से ‘जनहानि’ रोकने की अरदास
इस धार्मिक आयोजन के पीछे केवल श्रद्धा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा की गुहार भी छिपी थी। ग्रामीणों ने भगवान गणेश से प्रार्थना की जिससे
मृत शावक की आत्मा को शांति मिले।
गांव में हाथियों के दल द्वारा भविष्य में होने वाली जनहानि और फसलों का नुकसान रुक सके।
मानव-हाथी द्वंद्व समाप्त हो और क्षेत्र में शांति स्थापित हो


मानवता की मिसाल
ग्रामीणों ने कहा, “हाथी हमारे जंगल के रक्षक हैं। शावक की मौत का हमें गहरा दुख है। हम चाहते हैं कि गजराज हमसे रुष्ट न हों और हमारे गांव पर अपनी कृपा बनाए रखें।” स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने भी ग्रामीणों की इस संवेदनशीलता की सराहना की है।

वन विभाग की रही उपस्थिति

ग्रामीणों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सरपंच आलोक गुप्ता,अमित गुप्ता समेत उनके आव्हान पर वन की टीम भी उपस्थित रही जिसमें प्रेमा तिर्की(सीएफओ),विजय ठाकुर (बीएफओ),ललित राठिया (एससीएफओ)  समेत प्रशिक्षु रेंजर ज्योति भी मौजूद रही और सबने मिलकर आपसी सद्भाव और प्रेम के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया जो कि जनता एवं प्रशासन के आपसी सहयोग एवं तालमेल का एक जीवंत उदाहरण है।

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