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छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनावों के बाद 15वें वित्त आयोग की राशि न मिलने से विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित

पत्थलगांव 30 नवंबर ( रमेश शर्मा )
छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनावों के बाद नई पंचायत समितियों को 15वें वित्त आयोग  की आबंटित राशि जारी न होने से ग्रामीण स्तर पर विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पत्थलगांव जनपद में सरपंच संघ के अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ की पंचायती राज संस्थाओं  के लिए जारी की गई राशि अभी तक नई निर्वाचित पंचायतों तक नहीं पहुंच पाई है।  उन्होंने कहा कि इससे सड़क, नाली, स्वच्छता, जल संरक्षण और अन्य बुनियादी कार्य ठप हो गए हैं।
रोशन प्रताप सिंह ने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान आचार संहिता लागू होने से पुरानी समितियों द्वारा राशि का आहरण प्रतिबंधित था। चुनाव समाप्ति के बाद भी नई समितियों के गठन, बैंक खातों के अपडेट और e-Gram Swaraj पोर्टल पर कार्ययोजनाओं  की अपलोडिंग में देरी हो रही है। केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत फंड जारी करने की शर्त रखी है कि राज्य पोर्टल पर 100% योजनाएं अपलोड करें, जो अभी पूरी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला पंचायत CEO को पत्र लिखकर 6 महीने से अधिक समय से अटकी राशि जारी करने की मांग की गई है। आबंटन के अभाव में  सरपंचों की चिंता बढ़ रही है, क्योंकि बिना फंड के मूलभूत समस्याओं जैसे जल निकासी, सड़क मरम्मत का समाधान असंभव है।
जशपुर जिले में सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता सड़क निर्माण  स्ट्रीट लाइटिंग और पेयजल योजनाएं रुकी हुई हैं।  9 महीने बाद भी मूलभूत राशि न मिलने से गांवों में समस्याओं का अंबार लग गया है।
जनपद पंचायत के साथ जिला पंचायत में भी बड़े विकास कार्य जैसे गली-नाली निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाएं के काम बुरी तरह से प्रभावित हो गये हैं

सरपंच संघ के अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह का कहना है कि इससे सबसे ज्यादा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, क्योंकि बिना फंड के ठेकेदार काम नहीं कर रहे। इससे रोजगार और बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।

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