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हेडलाइन

बूढ़ी माई मंदिर क्षेत्र बना शराब और नशाखोरी का अड्डा..!!आए दिन टेबलेट,इंजेक्शन व शराब को बोतलों की तालाब में फेक रहे नशेड़ी..!! देर शाम मंदिर जाना भी हुआ असुरक्षित..!!

अंकित गोरख की रिपोर्ट

रायगढ़ डेस्क – 02नवंबर- रायगढ़ की नगरमाता और आराध्य देवी है बूढ़ी माइ जिनके दरबार में कमोबेश शहर का हर व्यक्ति हाजिरी लगाने कभी न कभी पहुंचता रहता है,और इनका मंदिर शहर के मध्य दरोगापारा एवं रेलवे कालोनी के मध्य स्थित तालाबों के बीच स्थित है।

परन्तु यहां आजकल तालाब में उठे जलकुंभियों एवं आसपास फैले कचरे ने यहाँ के माहौल को बदबूदार कर दिया है और रही सही कसर इस पूरे इलाके को नशाखोरी एवं शराब का अघोषित अड्डा बना दिया गया है दिनभर इन तालाबों के आसपास शराबी युवकों का जमावड़ा लगा रहता है।शराब नशीले इंजेक्शन टैबलेट आदि अनेक प्रकार के नशे की तरफ युवा पीढ़ी का झुकाव बढ़ता जा रहा है जिन्हें यहां इन सब चीजों के लिए एक सुरक्षित माहौल महसूस होता है कारण कि यहां कोई विरोध नहीं करता ये खाली शराब की बोतलें इंजेक्शन और टैबलेट के खाली डब्बे इस बात की गवाही दे रहे है कि किस कदर यहां गलत कार्य धड़ल्ले से चल रहे है।

मंदिर आना जाना हुआ दूभर – दिन रात इन लोगों का जमावड़ा लगा होने और कचरे के ढेर की गंदी बदबू के कारण आमलोगों का खासकर महिलाओं का मंदिर आना जाना दूभर हो गया है अनेक बार इन शराबियों के द्वारा श्रद्धालुओं से भी पैसे मांगने और दुर्व्यवहार करने के मामले सुनने में आते रहते है, देर शाम मंदिर के आसपास आने जाने वाले एवं स्थानीय मोहल्ले वासी भी अब स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।

अंचल के इस आस्था के केंद्र को इन गंदगी कचरे और शराबियों से मुक्त कराने हेतु जिला प्रशासन को एवं पुलिस कप्तान को पहल करने की जरूरत है अन्यथा कभी भी किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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