जशपुर/ 23 मई (रमेश शर्मा)
जनजातीय अधिकारों एवं डीलिस्टिंग की मांग को लेकर सरगुजा संभाग से बड़ी संख्या में जनजाति समाज के आंदोलनकारी अंबिकापुर तथा अन्य रेलवे स्टेशन से ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। इसमें पूर्व मंत्री गणेश राम भगत, रोशन प्रताप सिंह, अर्जुन भगत, रम्मू शर्मा, बिश्शु शर्मा ,अधिवक्ता रामप्रकाश पांडेय तथा दिग्गज आदिवासी नेता शामिल हो रहे हैं।
जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले आदिवासी नेता गणेश राम भगत के नेतृत्व में निकले इस जत्थे का बिलासपुर में तथा सरगुजा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
बताया गया कि 24 मई को दिल्ली के लालकिला मैदान से आंदोलन का आगाज किया जाएगा, जहां देशभर से पहुंचे जनजातीय समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर एकजुट होंगे।

दिल्ली रवाना होने से पहले जनजातीय सुरक्षा मंच के नेता ने रोशन प्रताप सिंह ने कहा कि जनजातीय समाज अपने संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिलने वाले आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक लाभों का पात्र नहीं माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “जनजातीय समाज की परंपराएं, संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक पहचान उसकी मूल आत्मा हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी मूल जनजातीय आस्था एवं परंपरा को छोड़कर अन्य धर्म स्वीकार करता है, तो उसे जनजातीय वर्ग के विशेष अधिकारों का लाभ नहीं मिलना चाहिए। डीलिस्टिंग के माध्यम से ऐसे लोगों को चिन्हित कर अलग किया जाना आवश्यक है, ताकि वास्तविक जनजातीय समाज के अधिकार सुरक्षित रह सकें।”
रोशन प्रताप सिंह ने कहा कि इस विषय को लेकर दिल्ली में व्यापक आंदोलन एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर जनजातीय समाज की भावनाओं से अवगत कराया जाएगा।
इस अवसर पर काफी बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी नेता तथा समाजजन एवं समर्थक उपस्थित रहे।














