रायगढ़ 06 मई विश्व हिंदू परिषद (विहिप) रायगढ़ जिला द्वारा आयोजित ‘प्रबुद्ध जन से भेंट’ कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने समाज को संगठित करने और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया।
रायगढ़ के मरीन ड्राइव स्थित विहिप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
संस्कारों से ही होगा राष्ट्र निर्माण:
अपने उद्बबोधन में आलोक कुमार जी ने सामाजिक समरसता और धार्मिक शिक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर और प्रकृति के प्रति प्रेम व समर्पण ही हमारी सुसंस्कृति की जननी है। यदि हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी संस्कारी और धर्मनिष्ठ बने, तो इसकी शुरुआत घर की छोटी-छोटी आदतों से करनी होगी।
“अपने बच्चों की दिनचर्या में तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना और पहली रोटी गाय को खिलाना जैसे सेवा कार्यों को शामिल करें। यही छोटे-छोटे प्रयास एक सशक्त और संस्कारी सनातन संस्कृति को तैयार करने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।”
सामाजिक समरसता का संदेश:
आलोक जी ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य केवल एकत्रीकरण नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोना है। उन्होंने सामाजिक समरसता को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और अपील की कि धर्म की शिक्षा ही हमें भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती है।
धर्मांतरण को रोकने के लिए सनातनी हों एकजुट:
छत्तीसगढ़ राज्य में चल रहे धर्मांतरण पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार जी ने चिंता व्यक्त करते हुए लोगो को सामाजिक एकजुटता से इसका सामना करने का आव्हान किया तथा मीडिया को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के धर्मांतरण के विरुद्ध बनाए गए कानून की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये कानून सभी प्रदेशों में बने कानूनों में सर्वोत्तम है तथा उन्होंने मांग भी की कि उपरोक्त धर्मांतरण विरोधी जैसे कानून को पूरे भारत वर्ष में भी लागू किया जाना चाहिए।
उक्त संवाद कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री जितेंद्र पवार की भी उपस्थिति रही जहां उन्होंने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
कार्यक्रम के दौरान तुरंगा गुरुकुल के संस्थापक एवं धर्माचार्य श्री राकेश जी की भी विशेष उपस्थिति रही जहां उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि –
सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों को बच्चों के जीवन में उतारना ही वास्तव में भविष्य की नींव को मजबूत करना है।

श्री आलोक कुमार ने जनजातीय समाज के सुविख्यात संत श्री गहिरा गुरु की जन्मस्थली ग्राम गहिरा एवं औघड़ संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी के आश्रम औघड़ धाम बनोरा पहुंचकर उनके दर्शन भी किए तथा आध्यात्मिक चर्चा एवं सत्संग में भाग लिया।
विशेष उपस्थिति:
उक्त कार्यक्रम में शहर के अधिवक्तागण, चिकित्सकों समेत चार्टड अकाउंटेंट एवं समाजसेवी नागरिकों एवं उद्योगपति, शिक्षकगण तथा कला जगत की अनेक हस्तियां व अनेक वर्गों के सामाजिक प्रमुख नागरिकों की बड़ी संख्या में विशेष उपस्थिति रही जहां सभी ने विश्व हिंदू परिषद के द्वारा जिले में किए जा रहे उनके कार्यक्रमों एवं धर्म जागरण के प्रयासों की भूरि प्रशंसा की तथा भविष्य में उनके सहयोग का आश्वासन भी दिया।

















